अगर आपके सोचने मात्र से ही कमरे की लाइट जल उठे, टीवी पर मनचाहा चैनल आ जाए या फिर कम्प्यूटर स्क्रीन पर टाइप होने लगे तो। क्या सोचने लगे आप, जी हां यह संभव है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसे चिप का डिजाइन तैयार किया है, जिसके दिमाग में लगाने के बाद यह सब संभव हो जाएगा।
यह चिप दिमाग के बाहरी सतह पर लगाया जाता है और इसके साथ ही एक रिसीवर सर पर भी लगाया जाता है। यह रिसीवर चिप द्वारा भेजी गई सूचनाओं को ग्रहण करता है। चिप दिमाग में मौजूद नर्व सेल्स की गतिविधियों को समझ कर सूचनाएं सर पर लगे रिसीवर को वायरलेस माध्यम से भेज देता है। रिसीवर इन सूचनाओं के अनुसार टीवी, कम्प्यूटर आदि को आदेश भेज देता है। जैसे अगर दिमाग में आता है कि टीवी को बंद कर देना चाहिए तो इस सूचना को चिप सर पर लगे रिसीवर को भेज देता है और इसी के साथ रिसीवर टीवी में लगे सेन्सर को टीवी बंद करने का आदेश भेज देता है।
चिप को डिजाइन करने वाले वैज्ञानिक का कहना है कि इससे शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में अमेरिका में कई रिसर्च चल रहे हैं, परंतु इनमें वायर्ड सेंसर का इस्तेमाल किया गया है, जबकि मेरे डिजाइन में वायरलेस सेंसर का इस्तेमाल किया गया है, इसमें संक्रमण का खतरा नहीं होता। गौरतलब है कि इससे पहले जापान के वैज्ञानिकों ने भी दिमाग की गतिविधियों को समझ कर चलने वाला व्हीलचेयर बनाया था।

रुकिए, अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। वैज्ञानिकों ने ऐसी बाइक बना ली है, जिसे सफर के बाद मोड़कर बैग में डाल अपने साथ ले जाया जा सकता है। याइक बाइक नामक इस बाइक को न्यूजिलैंड के वैज्ञानिक ग्रैंट रयान और पिटर हिजिंस ने बनाया है। 





